विशेषज्ञों के अनुसार, सऊदी की दूरसंचार क्षेत्र की सऊदीज़श्न उम्मीद की हिसाब से सफल नहीं हुवे क्योंकि अधिकारियों ने योजना को लागू करने से पहले आवश्यक अध्ययन नहीं किया था और विशाल बाजार में काबू पाने के लिए सऊदियों को उचित प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।

विदेसी कामगार जो अभी भी अवैध रूप से मोबाइल फोन के रखरखाव और बिक्री में शामिल हो रहे हैं।

विदेश से आए, जो अभी भी अवैध रूप से मोबाइल फोन के रखरखाव और बिक्री में शामिल और उपस्थिति से भी सऊदीज़श्न ड्राइव को प्रभावित किया है।

सउदी में प्रवासी व्यापारी पर नजर रखने के लिए वाणिज्य मंत्रालय और नगर पालिका को कहा जो अभी भी अधिकारियों की निगरानी के अभाव से बाजार में घूम रहे हैं।

प्रवासी अभी भी कम कीमतों पर विभिन्न मोबाइल हैंडसेट की पेशकश कर रही है।

“किराए में वृद्धि एक अन्य प्रमुख मुद्दा है जो कि सऊदी उद्यमियों को प्रभावित किया है। कुछ खुदरा विक्रेता विक्रेताओं से वार्षिक दुकान की किराया 150 हजार रियाल माँगा गया,” “हातिम अल-सुलेमानी ने कहा, जो बाजार में एक नया मोबाइल की दुकान खुला है।

अल-सुलेमानी ने सऊदी गजट को बताया “मैं इस तरह के एक उच्च किराया कभी उम्मीद नहीं की,यह आसान नहीं नए सऊदी व्यापारियों को इतनी उची किराए का भुगतान करना।”

अल-सुलेमानी कहा, “दुकान मालिकों को सम्भव नहीं की इस तरह के उची लाइसेंस फीस और विशाल बिजली के बिल के रूप में कई अन्य खर्चों को पूरा करना”।

अब्दुल रहमान अल सामरानी ने कहा कि प्रवासी व्यापारियों के अधिकारियों द्वारा दी गई चेतावनी के बावजूद बाजार में अभी भी है।

उन्होंने बताया, “कई प्रवासियों अपने घरों से मोबाइल फोन के मरम्मत का काम अभी भी जारी रखा हैं।”

अल- सामरानी ने यह भी कहा कि कुछ प्रवासि सऊदी स्वामित्व वाली दुकानों में पेशकश की गयी दामों की तुलना में कम कीमतों पर मोबाइल फोन उपकरणों की बिक्री कर रहे है।

अर्थशास्त्री मंसूर अल-घमडी ने कहा कि मोबाइल फोन के बाजार में सऊदीज़श्न कार्यक्रम आवश्यक अध्ययनों के बाद धीरे-धीरे लागू किया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा, “अचानक विदेशियों की जगह सऊदियों को प्रतिस्थापित करना असंभव है। हम सउदी, कुछ समय के लिए आवश्यक अनुभव प्राप्त करने और कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रवासियों के साथ काम करने की तैयार रहना चाहिए था। कार्यक्रम प्रशिक्षण, वित्तीय और वेतन समर्थन के रुपए में हमारा और एक विफलता “

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